मूल्य हमारे व्यवहार को निर्देशित तथा नियत्रित्त हैं I मूल्यों से अभिप्रेरणा को दिशा मिलती है । अभिप्रेरणा से व्यवहार निवत्रित होकर उक्ति दिशा में अग्रसर होता है जो जीक्म निर्माण मे सहायक होता है I
जीवन मूल्यों की बात करें तो आम धास्पा यह है कि कलयुग मे इऩ मूल्यों पर पाना सभव नहीं है जीवन निर्माण मे जब मूल्यों की बात आती है तो हम सच्चाई वफादारी भावना आदर सम्मान की भावना ही जीवन मूल्य हैं इन आधारभूत जीवन मूल्यों पर चलकर ही किसी भी धर कम्पनी समाज व देश चरित्र का निर्माण होता है नियत्रित मूल्य जीवन के लिए उचित रास्ता तय उक्ति रास्ता किसी व्यक्ति समाज व देश को उसकी मजिल तक ले जाता हे I
अनुसारचरित्रवान क्नो जगत अपने आप मुग्ध हो जायेगा चरित्र मानव जीवन वो लिए एक अनमोल रत्न है आज राजनैतिक सामाजिक व्यक्सायिक और प्रशासनिक क्षेत्र में हम जो पा रहे है उसका मुख्य कारण चरित्रवान व्यक्तियो का अभाव ही है निकष्ट स्वार्थ हसान पर इतना हावी हो गया है चरित्रवान व्यक्ति को आज हम सनकी या मूर्ख की सज्ञा देने से नही हिचकते हम बुराई और भ्रष्टाचार कं साथ जीने के आदी होते जा रहे है और यदि यही हाल रहा तो इसकी भारी कीमत हमें चुकानी पडेगी I
सच और झूठ दोनो के साथ देखिये सच हमेशा एक अदरूनी तावन्त एवं पवित्रता का एहसास होता है आत्मविश्वास बढता है जबकि झूठ से हम असहज महसूस करते हैं जव भी कोइ धोखा या चोरी करता है तो मन कचोटता है मुह सूखता है शरीर आत्मविश्वास में कमी आती है खुद की नजरों में गिरा हुआ पाता है क्योकि आत्मा का मूलभूत मूल्य झूठ और धोखा नही बल्कि सच्चाई ईमानदारी और वफादारी है I
इन सभी व्यवहारों की कीमत है ये जीवन निर्माण करते हैं ये मूल्यवान हैं इसलिए इन्हे' जीवन मूल्य कहा गया है I हम जितना अघिक से अधिक व्यवहारों का इस्तेमाल करते जाते है हर बार का व्यवहार अपनी कीमत अदा करता है और हमारे सत्कर्म खाते में जमा होकर परमात्मा की कृपा पाकर सफल जीवन का निर्माण करता है I
कई बार उक्त है कि आज युग में जो ईमानदारी वफादारी सच्चाई के रारत्ते पर चलता है वह जल्दी सफ़ल नहीं होता पर ध्यान से देखें तो जो व्यक्ति जीवन मूल्यों पर अडिग रह कर क्लता है वह कभी भय से नही जीता आत्मविश्वास से दमकता रहता है एवं सुरक्षा का अनुभव करता है क्योकि यही जीवन मूल्य उसके लिए एक सुरक्षा कवच का रूप धारण कर लेते हैं I
इन मूल्यों को करके हर एक को स्वयं में सुधार करना होगा तभी देश में समाज में सुधार होगा भाषा एवं वाणी पशु एवं मनुष्य में भेद उत्पन्न करती है I पशुओं के पास भाषा एवं वाणी नहीं होत्ती और मनुष्य भाषा वाणी बुद्धि विवेक से समृद्ध होते हुए भी समाज को तार तार का उसे पाश्चिक रहा है । भीड. में रहत्ते हुए भी सामूहिकता के प्रेम को त्याग का स्वार्थपूर्ण एकात प्रिय और व्यक्तिगत होना पसद रहा है I
जीवन मूल्यों का विकास समाज में होता है मूल्य समाज को व्यवस्थित करते है । उच्च मूल्यों के निरतर चुनाव करने से यह हमारा स्वभाव एवं व्यक्तित्व का अग बन जात्ते हैं एबं हमारे चरित्र का निर्माण होता है हमारा चरित्र ही चरित्रवान समाज की नीव रख्ता है I
मूल्य शिक्षा की दृष्टि से साहित्य का शिक्षण महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है मध्य काल में सतो" ने मूल्य परक साहित्य की सृज़ना की ओर उनको जनजन तक पहुचाने का कार्य भी किया साहित्य समाज का दर्पण है I समय समय पर परिवेश के अनुसार विभिन्न साहित्यकत्यों ने नाटक उपन्यास कहानी महाकाव्य कविताओं के द्वारा मानव को मूल्य शिक्षा से ओतप्रोत कर समाज को एक नई दिशा दी है ।
भारतीय मूल्यों के मानक गुरू नानक हो' या मूल्यों के जन शिक्षक कबीर हों या मूल्यों के सरक्षक रैदास हो या मूल्य सम्राट गोस्वामी तुलसीदास इन सभी विद्धान साहित्यकारों ने मूल्यों का जीवन ने महत्व बताते हुए जीवन को सार्थक बनाने का प्रयत्स करके समाज व देश का चहुमुखी बिकास करने का भरसक प्रयत्न किया है I
